मुख्यमंत्री के बुलावे पर शहादत दिवस में हिस्सा लेने लखनऊ जायेंगे सरदार जगबीर, कुलवन्त सिंह

मुख्यमंत्री के बुलावे पर शहादत दिवस में हिस्सा लेने लखनऊ जायेंगे सरदार जगबीर, कुलवन्त सिंह

– शहादत दिवस में उमड़ी आस्था, याद किये गये बीर बलिदानी

सनशाइन समय बस्ती से मनीष मिश्र की रिपोर्ट

बस्ती । गुरु द्वारा लोह लंगर साहिब गुरु तेग बहादुर कॉलोनी रेडवल छावनी बाजार में सर्वस्व दानी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी चार साहबजादो का शहादत दिवस मनाया गया जहां कीर्तन दरबार का आयोजन हुआ और गुरु घर का प्रसाद भी वितरण किया गया। गुरु द्वारा साहिब के मुख्य सेवादार बाबा मोहन सिंह ने बताया 21 दिसंबर से 27 दिसम्बर तक इन्हीं 7 दिनों में सर्वस्व दानी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का पूरा परिवार शहीद हो गया था उसी रात माता गुजरी ने भी ठंडे बुर्ज में प्राण त्याग दिए। बताया कि मुख्यमंत्री के 5 काली दास मार्ग लखनऊ में 26 दिसंबर को आयोजित बीर बाल दिवस यानी शहादत दिवस कार्यक्रम में बस्ती जिले से सरदार जगबीर सिंह एवम कुलवंत सिंह दो सिख विरो को बुलाया आया है। यह गौरव की बात है।
इस कीर्तन दरबार में ‘बोले सो निहाल सत श्री अकाल’ के जयघोष से सारा वातावरण गुंजायमान हो गया । कीर्तन दरबार में उपस्थित सरदार जगबीर सिंह प्रांतीय संयोजक पूर्वांचल सिख वेलफेयर सोसायटी ने गुरु ग्रंथ के चरणों में माथा टेकने के बाद श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा ‘सूरा सो पहचानिए जो लड़े दीन के हेतु पुर्जा पुर्जा कट मरे कभी न छाड़े खेत’’ गुरु साहिब का पूरा परिवार एक सप्ताह में कौम के लिय धर्म के लिये मानवीय अधिकारों के लिये राष्ट्र के लिय शहीद हो गए थे, यह सप्ताह नाम ध्यान सिमरन कर उन महान शहीदों को श्रद्धा के सुमन अर्पित करते हुए उनकी शहादत की शिक्षा गुरु इतिहास सुना कर वाहेगुरु वाहेगुरु के जाप कर कुर्बानी की मिसाल को श्रद्धा सुमित अर्पित करते हैं। यह शहीदी सप्ताह है हम भारतीयों को गुरु गोबिंद सिंह जी की कुर्बानियों को याद रखना चाहिए। गुरु गोबिंद सिंह ने कहा इन पुत्रो के सीस पर वार दिए सूत चार चार मुए तो क्या हुआ जीवित कई हजार यदि गुरु गोबिंद सिंह जी की इतनिया कुर्बानिया न होती तो हम कहा होते पता नही।
इस मौके पर सरदार जगबीर सिंह को गुरु द्वारा की तरफ से सिरेपाओं देकर सम्मानित किया गया। कीर्तनीय जत्था में हरभजन सिंह, हर करण सिंह, भगत सिंह ने कीर्तन सुना कर संगत का मन मोह लिया, कीर्तन दरबार में रेड़वल गांव के पास के कई गांव की महिलाएं पुरष एवं बच्चे सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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