सहकारिता में बकाये की वसूली धीमी, डीएम ने एडीसीओ तथा सहायक विकास अधिकारी का वेतन रोका

सहकारिता में बकाये की वसूली धीमी, डीएम ने एडीसीओ तथा सहायक विकास अधिकारी का वेतन रोका

सनशाइन समय बस्ती से मनीष मिश्रा की रिपोर्ट

बस्ती। सहकारिता में बकाये की वसूली की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी अंद्रा वामसी ने तीनों एडीसीओ तथा सभी पांच सहायक विकास अधिकारी सहकारिता का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने का निर्देश दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने पाया कि चार करोड़ के सापेक्ष मात्र रू0 7.71 लाख की वसूली अभी तक हो पायी है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि भूमि विकास बैंक की वसूली की प्रतिदिन रिपोर्ट प्राप्त करें।
बेसिक शिक्षा स्कूलों के कायाकल्प योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने 10 दिसम्बर तक कार्य न पूरा करने पर उन्होंने बहादुरपुर, बनकटी, सदर, साऊंघाट, रूधौली, विक्रमजोत, गौर, परशुरामपुर, दुबौलिया तथा कुदरहा, कप्तानगंज के सहायक विकास अधिकारी पंचायत का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के लिए डीपीआरओ को निर्देशित किया है। उन्होंने समीक्षा में पाया कि टायलीकरण, फर्नीचर तथा शौचालय का कार्य अभी भी अधूरा है। दिव्यांग शौचालय में बनकटी में 129, सदर में 122, साऊंघाट में 105, रूधौली में 109, विक्रमजोत में 82 तथा गौर में 70 का कार्य अपूर्ण है।
इसी प्रकार आंगनबाड़ी केन्द्रों के अपग्रेडेशन का कार्य भी अपूर्ण पाया गया। वाह्य विद्युतीकरण में अवशेष 22 केन्द्रों का हर्रैया एवं विद्युत वितरण खण्ड द्वितीय का कार्य अवशेष है। इसके लिए उन्होंने दोनों क्षेत्र के अधिशाषी अभियन्ताओं से स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने 289 में से कायाकल्प योग्य उप स्वास्थ्य केन्द्र की सूची सभी एमओआईसी से तलब किया है। उन्होंने कहा कि जर्जर पाये गये भवनों को ध्वस्त कर नया भवन बनवाया जाए।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा आयुष्मान भारत योजनान्तर्गत अन्य कारणों से कार्ड न बनाने में दर्शाये गये लाभार्थियों का सत्यापन करने के लिए उन्होंने पीडी डीआरडीए तथा उपायुक्त मनरेगा को निर्देशित किया है। पीएम किसान सम्मान निधि में बहादुरपुर में 92, दुबौलिया में 57, गौर में 52 तथा बनकटी में 28 का ई-केवाईसी भी अवशेष है। आयुष्मान भारत योजना में अन्य कारण से कार्ड न बनाने की संख्या गौर में 8000, बनकटी 2500, रामनगर 980, साऊंघाट 710 तथा विक्रमजोत में 386 अवशेष हैं।
उन्होंने मुकदमों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए सभी मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया है कि एक वर्ष से अधिक अवधि के मुकदमों के निस्तारण में तेजी लायें तथा 15 दिन के भीतर शतप्रतिशत निस्तारण करें। उन्होंने धारा 116, धारा 24, धारा 67 के मुकदमों के निस्तारण की समीक्षा किया। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि प्रतिदिन निस्तारण की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी के रिक्त पद के सापेक्ष उन्होंने उपजिलाधिकारी (न्यायिक) मनोज प्रकाश को बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी नामित किया है। उन्होंने डीडीसी को निर्देशित किया है कि एक साल से अधिक लम्बित मुकदमों के निस्तारण में तेजी लायें।
बैठक में एडीएम कमलेश चन्द्र, सीएमओ डा0 राधेश्याम दूबे, पीडी राजेश झा, उपायुक्त मनरेगा संजय शर्मा, उपजिलाधिकारी गुलाब चन्द्र, मनोज प्रकाश, सत्येन्द्र सिंह, मोनिका, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत महेन्द्र मिश्र, मनोज कुमार सिंह, उपनिदेशक कृषि अशोक गौतम, बीएसए अनूप कुमार, खण्ड विकास अधिकारी, सीडीपीओ, एमओआईसी तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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