बीमाकर्ता के नाम पर लोगो को झांसे में लेकर करोड़ों रुपए का साइबर फ्राड करने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार

बीमाकर्ता के नाम पर लोगो को झांसे में लेकर करोड़ों रुपए का साइबर फ्राड करने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार

रिपोर्ट जितेंद्र कुमार अपराध संवाददाता सनशाइन समय

बस्ती। वादी मुकदमा हरिहर प्रसाद पुत्र राजाराम, चिरैयाडाड़ थाना सोनहा जनपद बस्ती ने लिखित सूचना दिया कि मेरी छः बीमा चल रही थी जिसमे से पांच बीमाओ का केवल एक किस्त जमा किया था। इसके बाद किस्त नहीं जमा किया जिसके संबन्ध में वादी के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन आया कि मैं आपकी मेच्योरिटी वापस करा दूंगा जिसके लिये वादी को झासे में लेकर विभिन्न चार्ज के नाम धीरे धीरे करके विभिन्न खातो में लगभग 652600 रुपये जमा कराकर ठगी कर लिया गया। जिसके संबन्ध में साइबर क्राइम बस्ती परिक्षेत्र पर मुकदमा आई0टी0 एक्ट पंजीकृत कर विवेचना की जा रही थी।
साइबर अपराधो की रोकथाम हेतु चलाये जा रहे अभियान के अनुपालन के क्रम में अनावरण एंव अन्य गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया था जिसके अनुपालन में प्रभारी निरीक्षक विकास यादव साइबर क्राइम थाना बस्ती परिक्षेत्र बस्ती मय टीम द्वारा इलेक्ट्रानिक सर्विलांस, सीडीआर एनालिसिस व अन्य साइबर तकनीक का प्रयोग करते हुए संकलित साक्ष्यो, उपलब्ध एटीम की वीडीयो फुटेज आदि के आधार पर प्रमाणित होने पर अभियुक्तगण को प्रतापविहार बाजार जनपद गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया। विवेचनात्मक कार्यवाही पूर्ण कर उपरोक्त अभियुक्तगण का चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।


पूछताछ में अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया कि, हमलोग का एक गैंग है जिसमें रोहित, अरविन्द व गौरव कश्यप है, हम लोग पूर्व में कॉल सेन्टर व टूर एण्ड ट्रेवल्स में एक साथ काम करते थे तथा हम लोग नेट अम्बिट इंश्योरेंस सेक्टर में काम करते थे जिसके कारण इस सेक्टर में भी अनुभव हो गया था। कंपनी में काम करते हुए हमलोगों को आइडिया आया कि प्राइवेच नौकरी में पैसा ज्यादा मिलता नही है, इसलिए हम लोग बीमाकर्ता के नाम पर लोगो को झांसे में लेकर साइबर फ्राड का काम करेंगे और हमलोगों ने प्रताप विहार सेक्टर 12 गाजियाबाद में एक किराये पर कमरा लिया। हम तीनो लोगो में गौरव कश्यप फर्जी नाम पते की सिम निकलवाकर मोबाइल की व्यवस्था करता है। तथा हम लोग उसी फर्जी सिम से बीमा आदि का लालच देकर दुसरे के नाम पते पर खाता खोलवाकर उसका एटीम कार्ड मंगवाकर अपने पास रख लेते थे हम लोगो ने विभिन्न व्यक्तियो को झांसा देकर खाता एटीम कार्ड ले लिया था तथा उसमे अपना फर्जी मोबाइल नंबर लिंक कर लिया था। हम लोग ऑनलाईन ओपन सोर्स से बीमा धारक का नंबर निकालकर फर्जी सिम से कॉल कर बीमा मेच्यूरिटी की धनराशि दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस प्रोसेसिंग फीस जीएसटी इत्यादि का झासा देते हुए अवैध रुप से पैसा प्राप्त करते हैं। उपरोक्त पैसो को विभिन्न लोगो को झासे में लेकर प्राप्त खातो में पैसा मंगाकर एटीम से पैसा निकाल लिया। प्राप्त रुपयो मे से 30 प्रतिशत गौरव कश्यप को दे देते थे तथा बाकी 70 प्रतिशत हम दोनो भाई (रोहित, अरविन्द ) अपने निजी खर्च और अन्य दैनिक खर्च मे करते है। साइबर ठगी से प्राप्त पैसे को फ्लैट का किराया बिजली बिल आदि का खर्च देने के बाद बचे पैसो को खाने पीने ऐसो आराम में खर्च करते है। इस गैंग द्वारा अबतक करोड़ो की ठगी किये जाने की बात बतायी गयी है।
अभियुक्त द्वारा प्रयोग किये जा रहे बैंक खातो को फ्रीज़ करा दिया गया है तथा प्रकाश में आये अन्य संलिप्त अभियुक्तों की तलाश की जा रही हैं। अभियुक्तगण द्वारा अपराध से अर्जित की धनराशि के बारे में जानकारी प्राप्त कर उसकी किरण की कार्यवाही की जायेगी।
अभियुक्त के अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी मिल रही है, जिसका विवरण प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तारी में तकनीकी सहयोग करने वाली टीम प्रभारी निरीक्षक विकास यादव, उ0नि0 अवधेश कुमार वर्मा, उ0नि0 हरेन्द्र चौहान, उ0नि0 महेन्द्र यादव, हे0का0 राजेश यादव, हे0का0 मनोज राय, हे0का0 मनिन्द्र प्रताप चन्द, हे0का0 सुधेन्दु दीक्षित साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ, हे का गौरव श्रीवास्तव साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ, का0 जितेन्द्र यादव, का0 रामप्रवेश यादव साइबर क्राइम थाना बस्ती आदि शामिल रहे।

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