शादी में सार्वजनिक कुआं पूजन को लेकर दलित परिवार की महिला को पीटा, दालितो में आक्रोश

शादी में सार्वजनिक कुआं पूजन को लेकर दलित परिवार की महिला को पीटा, दालितो में आक्रोश

रिपोर्ट जितेंन्द्र कुमार अपराध संवाददाता सनशाइन समय

बस्ती। दलित आपराधिक मामलों में जहां उत्तर प्रदेश नंबर वन पर है वहीं बस्ती भी पीछे नहीं प्रतिदिन कहीं ना कहीं से दलित उत्पीड़न के मामले आते ही रहते हैं, ऐसा ही एक मामला छावनी थाना अंतर्गत सौरी गांव का है जहां पर अनीता पत्नी रामकुमार कनौजिया ने पुलिस अधीक्षक बस्ती से पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है पत्र में उन्होंने गांव के ही राज उपाध्याय पुत्र जगन्नाथ उपाध्याय पर आरोप लगाते हुए कहा है कि 18 अप्रैल 2024 को उनके देवर की शादी में डीजे के साथ कुआं पूजन के कार्यक्रम में नाच गा रहे थे। राज उपाध्याय को एक दलित का कुआं पूजन नागवारा गुजरा जिसके चलते उन्होंने अनीता सहित तमाम लोगों पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए बद्दी-बद्दी मां बहन की गालियां देने लगा एवं डीजे बंद करने के लिए धमकी देने लगा। अनीता ने जब इस बात का प्रतिरोध किया एवं सार्वजनिक कुएं पर चढ़ने की दुहाई देने लगी इस बात से खिन्न होकर राज उपाध्याय अनीता को मारने लगे एवं उसका ब्लाउज भी फाड़ दिया। शादी का कार्यक्रम सुचारु रूप से खत्म हो जाए इसलिए अनीता एवं उसके घर वालों ने अपमान के सारे घूट पी गए जब तक की सारे नात रिश्तेदार चले ना गए, इसके उपरांत 23 अप्रैल 2024 को अनीता एवं परिजनों ने छावनी थाने पर शिकायती पत्र दिया लेकिन मुकामी पुलिस में कोई कार्यवाही नहीं की। कहीं से प्रार्थना पत्र दिए जाने की बात राज उपाध्याय को लग गई अब वह इस बात से क्षुब्द होकर पागलों की तरह अनीता को मारने के लिए ढूंढ रहा है। इस बात से हताश एवं घबराई हुई अनीता ने पुनः 17 मई 2024 दिन शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है एवं राज उपाध्याय के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई करने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 2024 में उत्तर प्रदेश में भारत में सबसे अधिक अपराध दर है। 2022 तक, यूपी की अपराध दर 171.6% थी, उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति अपराध दर 7.4 है हालाँकि, एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में अपराध दर सर्वाधिक है, रिपोर्ट की गई घटनाएं 753,675 तक पहुंच गई हैं। अब देखना यह है की बस्ती पुलिस दलित मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और अपराध निवारण में कैसी भूमिका निभाती है।

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